कुंभ मेला में श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन और थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य, महामारी प्रबंधन व स्वास्थ्य जांच के नए नियम लागू।
तारीख और समय: 16 जनवरी 2025
कुंभ मेला, जो विश्व के सबसे बड़े धार्मिक तीर्थ स्थलों में से एक है, इस वर्ष नए सुरक्षा उपायों के साथ आयोजित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन और थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया है। यह घोषणा मेला प्रशासन द्वारा की गई है, जिसमें पूजा-पाठ के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य की देखभाल की जाएगी।
कुंभ मेला का आयोजन इस बार हरिद्वार में हो रहा है। यह मेला 2025 में वर्तमान माहौल में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि वैश्विक महामारी COVID-19 ने हमें स्वास्थ्य सुरक्षा के मामलों में जागरूक किया है। प्रशासन ने घोषणा की है कि सभी श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में नाम, पते और पहचान पत्र की जानकारी दर्ज करनी होगी।
इसके अलावा, थर्मल स्क्रीनिंग के माध्यम से तापमान की जांच की जाएगी। यदि किसी श्रद्धालु का तापमान सामान्य से अधिक पाया जाता है, तो उसे आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ये कदम महामारी के संचरण को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश तिवारी ने कहा, “ये उपाय न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पूरे मेला क्षेत्र की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेंगे।”
सोशल मीडिया पर इस घोषणा को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। #KumbhMela2025 हैशटैग के तहत लोगों ने अपने विचार साझा किए हैं। कुछ श्रद्धालुओं ने इसे एक सकारात्मक कदम बताया है, जबकि कुछ ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को जटिल मानते हुए चिंता जताई।
एक श्रद्धालु ने कहा, “यह सुरक्षा के लिए आवश्यक है। हम सभी चाहते हैं कि मेला सुरक्षित और स्वस्थ हो।” जबकि एक अन्य ने टिप्पणी की, “क्या रजिस्ट्रेशन के बिना हमें मेला में प्रवेश नहीं मिलेगा? यह तो बहुत मुश्किल है!”
कुंभ मेला के आयोजकों की ओर से बताया गया है कि यह कदम आधुनिक सुरक्षा उपायों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। मेला क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए थर्मल स्क्रीनिंग और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सर्वोपरि माना गया है। मेला कमिश्नर, श्री राघवेंद्र शुक्ल ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमने प्रशासनिक तैयारियों को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के चित्रण के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय किए हैं।”
कुंभ मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह एक भव्य आयोजन भी है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग लेते हैं। रजिस्ट्रेशन और थर्मल स्क्रीनिंग के उपायों के साथ, प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी श्रद्धालु सुरक्षित रह सकें। आगे चलकर, यदि महामारी के मामले बढ़ते हैं, तो प्रशासन द्वारा और भी कड़े उपाय किए जा सकते हैं। श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे स्वास्थ्य मानकों का पालन करें और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को समय पर पूरा करें।
कुंभ मेले की तैयारी में सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए उठाए गए इन कदमों से आगामी तीर्थ यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।